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सर्टिफिकेशन गाइड

IC-38 (IRDA) परीक्षा: पूरी जानकारी हिंदी में

IC-38 वह परीक्षा है जो भारत में इंश्योरेंस एजेंट बनने से पहले पास करनी होती है, और बोलचाल में इसी को “IRDA exam” कहते हैं। 2024 से पास होने के लिए 50 में से 15 नंबर चाहिए, और परीक्षा से पहले ट्रेनिंग ज़रूरी है। नीचे पैटर्न, फीस, रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस की पूरी बात सीधी भाषा में है।

लेखक और तथ्यों की जांच Lead Trainer — Insurance & NBFC प्रकाशित 11 मिनट में पढ़ें

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Become Banker एक स्वतंत्र ट्रेनिंग और भर्ती पार्टनर है। हम IRDAI या Insurance Institute of India नहीं हैं, यह परीक्षा नहीं करवाते और लाइसेंस जारी नहीं करते। इस पेज पर HDFC Life के एक प्रोग्राम का ज़िक्र है — हम HDFC Life नहीं हैं और उसकी तरफ से कोई ऑफर नहीं देते।

यह पेज हमारी IC-38 exam की अंग्रेज़ी गाइड का हिंदी संस्करण है। दोनों में आंकड़े और स्रोत एक ही हैं।

नंबर पढ़ने से पहले: इस परीक्षा के नियम IRDAI तय करता है और परीक्षा Insurance Institute of India करवाता है। पासिंग मार्क्स उस सर्कुलर से हैं जो Institute ने हर बीमा कंपनी को भेजा था। सवालों की संख्या और समय हमें किसी रेगुलेटर पेज पर नहीं मिले, इसलिए वे बीमा कंपनियों और ट्रेनिंग देने वालों के लेखों से लिए गए हैं और फैक्ट्स बॉक्स में “अनुमान” लिखकर दिखाए गए हैं। व्यक्तिगत एजेंट के लिए कोई फीस प्रकाशित ही नहीं है। कोई भी पैसा देने से पहले अपनी स्पॉन्सर बीमा कंपनी से नंबर पक्के कर लें।

IC-38 क्या है, और IRDA या IRDAI का मतलब

IC-38 वह परीक्षा है जो भारत में इंश्योरेंस एजेंट नियुक्त होने से पहले पास करनी होती है। “IC-38” असल में इसके स्टडी मटीरियल का कोड है। ज़्यादातर लोग, और नौकरी के कई विज्ञापन, इसे सीधे “IRDA exam” कहते हैं। दोनों एक ही परीक्षा हैं।

IRDAI का पूरा नाम Insurance Regulatory and Development Authority of India है। यह बीमा सेक्टर का रेगुलेटर है, यानी नियम यही बनाता है। परीक्षा Insurance Institute of India करवाता है, IRDAI की तरफ से।2

Institute यह मटीरियल तीन स्ट्रीम में छापता है: Life, General और Health। आपको उसी स्ट्रीम की पढ़ाई करनी है जिसके लिए आपकी नियुक्ति हो रही है।1

यह परीक्षा किसे देनी होती है

अगर आप नियुक्त एजेंट बनकर इंश्योरेंस बेचेंगे, तो IC-38 ज़रूरी है। यह पसंद की बात नहीं, कानून की शर्त है। IRDAI के एजेंट नियमों में लिखा है कि आवेदक को Insurance Institute of India या किसी और मान्य संस्था की भर्ती से पहले वाली परीक्षा पास करनी होगी।3

आम तौर पर इसमें ये लोग आते हैं:

  • व्यक्तिगत इंश्योरेंस एजेंट, जिन्हें कोई लाइफ, जनरल या हेल्थ बीमा कंपनी नियुक्त करती है।
  • कॉर्पोरेट एजेंट और बैंकों के कर्मचारी, जिनके काम में काउंटर पर बीमा बेचना शामिल है।
  • बीमा कंपनियों के ट्रेनी प्रोग्राम में जाने वाले उम्मीदवार। ज़्यादातर प्रोग्राम जॉइनिंग के दौरान ही IC-38 करवाते हैं, इसलिए वहां पहले नौकरी का रास्ता खुलता है और परीक्षा बाद में आती है।

बीमा कंपनी में बैक-ऑफिस, ऑपरेशंस, क्लेम प्रोसेसिंग या IT की नौकरी के लिए यह परीक्षा नहीं चाहिए। ये रोल एजेंट वाले नियमों से बाहर हैं, और परीक्षा पर पैसे खर्च करने से ऐसी नौकरी नहीं मिलेगी।

योग्यता: उम्र, ट्रेनिंग और स्पॉन्सर

कानून में सबसे साफ़ शर्त उम्र की है: आवेदक की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए।3 पढ़ाई से जुड़ी शर्तें नियमों में हैं और नियुक्त करने वाली कंपनी भी अपनी शर्त रखती है। इसलिए सही जवाब आपकी स्पॉन्सर कंपनी ही देगी। ज़्यादातर कंपनियां कम से कम स्कूल की पढ़ाई पूरी होने का सर्टिफिकेट मांगती हैं।

जिस शर्त को लोग हल्के में लेते हैं, वह है ट्रेनिंग। IRDAI के नियमों के मुताबिक एजेंट बनने के लिए किसी मान्य संस्था से प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पूरी करनी होती है।3 यह सिर्फ़ कागज़ी काम नहीं है, और आप खुद लिखकर नहीं दे सकते कि ट्रेनिंग हो गई। इसका इंतज़ाम आपकी स्पॉन्सर कंपनी करती है, और यह परीक्षा से पहले होती है।

तीसरी बात NISM वाली परीक्षा से आने वालों को चौंकाती है: आम तौर पर आप यह परीक्षा खुद बुक नहीं कर सकते। यह भर्ती से पहले की परीक्षा है, इसलिए इसे आप तब देते हैं जब कोई बीमा कंपनी या कॉर्पोरेट एजेंट आपको नियुक्त कर रहा हो। कोई वेबसाइट बिना किसी बीमा कंपनी के, पैसे लेकर “IRDA exam में रजिस्ट्रेशन” कराने की बात करे, तो भरोसा न करें।

पैटर्न और पासिंग मार्क्स

परीक्षा छोटी है: 50 MCQ सवाल, 60 मिनट, और कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं।4 लेकिन ये तीनों बातें हमें किसी रेगुलेटर पेज पर नहीं मिलीं। ये बीमा कंपनियों और ट्रेनिंग देने वालों के लेखों से हैं, इसलिए इन्हें अपनी स्पॉन्सर कंपनी से पक्का कर लें।

पासिंग मार्क्स आधिकारिक हैं: 50 में से 15 नंबर, यानी 30%। पहले पास होने के लिए 17 नंबर चाहिए थे। Insurance Institute of India ने सभी बीमा कंपनियों को सर्कुलर भेजकर दो ग्रेस मार्क्स तक की छूट दी, और यह 1 जनवरी 2024 से होने वाली परीक्षाओं पर लागू है।5

पूरी टेबल देखने के लिए साइड में स्क्रॉल करें

IC-38 परीक्षा का पैटर्न
IC-38 यह जानकारी कहां से है
परीक्षा कौन करवाता है2 Insurance Institute of India, IRDAI के लिए Institute का आधिकारिक पेज
सवाल4 50 MCQ, हर सवाल 1 नंबर का बीमा कंपनी का लेख
समय4 60 मिनट बीमा कंपनी का लेख
पासिंग मार्क्स5 50 में से 15 (30%), 1 जनवरी 2024 से Institute का सर्कुलर
नेगेटिव मार्किंग4 नहीं बीमा कंपनी का लेख
स्ट्रीम1 Life, General, Health Institute का आधिकारिक पेज
मटीरियल की भाषा1 अंग्रेज़ी, हिंदी और क्षेत्रीय भाषाएं Institute का आधिकारिक पेज

पुरानी जानकारी से बचें। कई वेबसाइटों पर पासिंग मार्क्स अब भी 17 या 18 लिखे मिलते हैं, और कहीं-कहीं 70% भी। 70% वाली बात का कोई स्रोत नहीं है। 17 वाला नियम जनवरी 2024 से पहले का था, और Institute की पुरानी फीस शीट पर आज भी वही छपा है। 15 को ही सही मानें, और अपनी स्पॉन्सर कंपनी से एक बार पूछ लें, क्योंकि नियम फिर बदल सकते हैं।

आसान है या मुश्किल? पास होने का बार सच में कम है। लेकिन बिना किताब खोले पास होना मुश्किल है, क्योंकि इसमें बीमा के नियम, एजेंट की ज़िम्मेदारियां और पॉलिसी के कागज़ात जैसी बातें हैं, जो ज़्यादातर फ्रेशर्स ने पहले कभी नहीं पढ़ीं। नेगेटिव मार्किंग नहीं है, इसलिए कोई सवाल खाली न छोड़ें। खाली सवाल और गलत जवाब, दोनों पर नंबर शून्य ही मिलता है।

IC-38 (IRDA) परीक्षा की फीस

फीस इस बात पर निर्भर है कि आपका लाइसेंस किस रास्ते से बन रहा है।

  • कॉर्पोरेट एजेंट (जैसे कोई बैंक), ब्रोकर या इंश्योरेंस मार्केटिंग फर्म के ज़रिए: Insurance Institute of India ने फीस छापी है। परीक्षा के ₹590 और ट्रेनिंग के ₹886, दोनों GST मिलाकर।6
  • सीधे किसी बीमा कंपनी के एजेंट के रूप में: Institute इस रास्ते के लिए कोई फीस लिस्ट नहीं छापता। सही रकम, और यह कि फीस आप भरेंगे या कंपनी, अपनी स्पॉन्सर कंपनी से पूछें। किसी वेबसाइट पर लिखे नंबर पर भरोसा न करें, हमारे पेज पर भी नहीं।

पैसे कौन भरता है, भुगतान असल में कैसे होता है, दोबारा परीक्षा देनी पड़े तो क्या होता है और कौन-सी फीस नकली है, यह सब हमारे IRDA exam फीस और भुगतान वाले पेज पर है (अंग्रेज़ी में)।

धोखे से बचें: अगर कोई “रजिस्ट्रेशन फीस” या “IRDA लाइसेंस फीस” के नाम पर हज़ारों रुपये मांगे, तो वहीं रुक जाएं। एजेंट की असली नियुक्ति ऐसे नहीं होती, और परीक्षा की फीस कम है। किसी व्यक्ति के UPI या फ़ोन नंबर पर पैसे न भेजें।

रजिस्ट्रेशन कैसे होता है

NISM की तरह यहां आप सीधे वेबसाइट पर जाकर परीक्षा बुक नहीं करते। क्रम आम तौर पर यह रहता है:

  1. किसी बीमा कंपनी से स्पॉन्सर लें। आपकी उम्मीदवारी कोई बीमा कंपनी या कॉर्पोरेट एजेंट आगे बढ़ाता है। इसीलिए आम तौर पर पहले जॉइनिंग का रास्ता खुलता है, फिर परीक्षा आती है।
  2. ज़रूरी ट्रेनिंग पूरी करें। IRDAI एजेंट की नियुक्ति से पहले किसी मान्य संस्था से प्रैक्टिकल ट्रेनिंग मांगता है। इसका इंतज़ाम स्पॉन्सर कंपनी करती है, और इसे छोड़ा नहीं जा सकता।3
  3. IC-38 का आधिकारिक मटीरियल पढ़ें। Insurance Institute of India Life, General और Health एजेंट के लिए मटीरियल छापता है, अंग्रेज़ी, हिंदी और कई क्षेत्रीय भाषाओं में। जिस स्ट्रीम में नियुक्ति हो रही है, वही पढ़ें।1
  4. परीक्षा दें। परीक्षा Insurance Institute of India, IRDAI की तरफ से करवाता है। स्लॉट आपकी स्पॉन्सर कंपनी बुक करती है, और मौजूदा फीस भी वही पक्की करती है।2
  5. नियुक्ति और लाइसेंस। सिर्फ़ पास होने से आप एजेंट नहीं बनते। बीमा कंपनी आपको नियुक्त करती है, और यह नियुक्ति IRDAI के एजेंट डेटाबेस में दर्ज होती है।3

कंपनी के ज़रिए आने पर परीक्षा का बैच भी कंपनी ही बनाती है। Institute के मैनुअल में साफ़ लिखा है कि कोई उम्मीदवार खुद यह बैच नहीं बना सकता। सीधे बीमा कंपनी का एजेंट बनने पर आप Institute की वेबसाइट पर अपना रजिस्ट्रेशन करके ऑनलाइन ट्रेनिंग की फीस खुद भरते हैं, और परीक्षा नियुक्त करने वाली कंपनी संभालती है। दोनों रास्तों का पूरा तरीका IC-38 फीस और भुगतान वाले पेज पर है।

सिलेबस और पढ़ाई की भाषा

IC-38 का स्टडी मटीरियल Insurance Institute of India खुद छापता है। इसमें एक कॉमन हिस्सा होता है, और फिर Life, General या Health का अलग हिस्सा।1 कॉमन चैप्टर सबके लिए एक जैसे हैं, बाकी नहीं। इसलिए अपनी स्ट्रीम ही पढ़ें।

कॉमन हिस्से में ये बातें आती हैं: बीमा क्या है और रिस्क कैसे बांटा जाता है, रेगुलेशन और IRDAI की भूमिका, एजेंट की ड्यूटी और आचार संहिता, प्रपोज़ल फॉर्म और पॉलिसी डॉक्यूमेंट, और अंडरराइटिंग व क्लेम की बुनियादी बातें। स्ट्रीम वाले हिस्से में उसी तरह की पॉलिसियों की जानकारी होती है।

दो हिस्से अक्सर नंबर दिलाते हैं और अक्सर छूट जाते हैं: एजेंट की आचार संहिता और ज़िम्मेदारियां, और कागज़ात का क्रम, यानी प्रपोज़ल फॉर्म, पॉलिसी डॉक्यूमेंट, फ्री-लुक पीरियड और ग्राहक को क्या-क्या बताना ज़रूरी है। ये मुश्किल नहीं हैं। बस ये ऐसी डिटेल हैं जिनका अंदाज़ा नहीं लगाया जा सकता।

भाषा: मटीरियल अंग्रेज़ी, हिंदी और कई क्षेत्रीय भाषाओं में मिलता है, जैसे मराठी, गुजराती, तमिल, बंगाली, कन्नड़, मलयालम, तेलुगु, पंजाबी, असमिया, ओड़िया और उर्दू।1 अगर अंग्रेज़ी आपकी सबसे मज़बूत भाषा नहीं है, तो उस भाषा में पढ़ें जिसमें आप आराम से समझते हैं। वित्तीय सेक्टर की परीक्षाओं में यह सुविधा कम मिलती है, इसका फायदा उठाएं।

पास होने के लिए 15 नंबर चाहिए, लेकिन मॉक टेस्ट में 30 का लक्ष्य रखें, ताकि परीक्षा वाले दिन थोड़ी गड़बड़ी हो तब भी गुंजाइश रहे। क्या पढ़ें, रोज़ कितना पढ़ें, कितने मॉक टेस्ट दें और फ्रेशर्स किन गलतियों से फेल होते हैं, इसके लिए हमारे ट्रेनर का IC 38 exam kaise clear kare: दिन-ब-दिन तैयारी प्लान पढ़ें।

पास होने के बाद: लाइसेंस और कमाई का सच

सिर्फ़ परीक्षा पास करने से आप इंश्योरेंस एजेंट नहीं बन जाते। परीक्षा नियुक्ति की शर्तों में से एक है। साथ में ज़रूरी ट्रेनिंग और बीमा कंपनी का आपको नियुक्त करना भी चाहिए।3 नियुक्ति ही आपको रेगुलेटर के एजेंट रिकॉर्ड में दर्ज करवाती है। परीक्षा का रिज़ल्ट उस नियुक्ति की एक शर्त भर है।

नियुक्ति से पहले अपनी स्पॉन्सर कंपनी से पूछ लें कि आप किस कंपनी की पॉलिसी बेच पाएंगे और कमाई कैसे होगी। यह बात साइन करने से पहले साफ़ होनी चाहिए, क्योंकि आपकी कमाई इसी पर टिकी है।

फ्रेशर्स को यह बात अक्सर देर से पता चलती है: एजेंट का काम आम तौर पर कमीशन पर चलता है, सैलरी पर नहीं। कमाई इस पर निर्भर करती है कि आपके कितने ग्राहक बनते हैं, और शुरुआती महीनों में यह बहुत कम भी हो सकती है। अगर आपको पहले दिन से हर महीने तय सैलरी चाहिए, तो एजेंसी वाला काम आपके लिए सही नहीं है। तब सैलरी वाला हायर-एंड-ट्रेन रोल बेहतर रास्ता है।

क्या IC-38 फ्रेशर के लिए फायदेमंद है?

यह सही है, अगर

  • आप किसी बीमा कंपनी या बैंक में ऐसे रोल में जा रहे हैं जिसमें इंश्योरेंस बेचना शामिल है। तब यह आपकी मर्ज़ी की बात नहीं, कानून की शर्त है — इसके बिना एजेंट के तौर पर नियुक्ति नहीं हो सकती।3
  • आप कम खर्च में BFSI में पहला कदम रखना चाहते हैं। किसी महंगे डिप्लोमा के मुकाबले परीक्षा और ट्रेनिंग सस्ता पहला सर्टिफिकेट है।
  • आपकी अंग्रेज़ी बहुत मज़बूत नहीं है। पढ़ाई का मटीरियल हिंदी और कई क्षेत्रीय भाषाओं में मिलता है, जो वित्तीय सेक्टर की परीक्षाओं में कम देखने को मिलता है।1

रहने दें, अगर

  • आप इसे खुद, इसी हफ़्ते बुक करना चाहते हैं। आम तौर पर किसी बीमा कंपनी या कॉर्पोरेट एजेंट का स्पॉन्सर चाहिए, इसलिए यह हर किसी के लिए खुली परीक्षा जैसी नहीं है।
  • आप म्यूचुअल फंड बेचना चाहते हैं। उसका रेगुलेटर भी अलग है और परीक्षा भी — आपको NISM V-A चाहिए।
  • आप एजेंट के काम से फिक्स्ड सैलरी की उम्मीद कर रहे हैं। एजेंट को आम तौर पर कमीशन मिलता है, सैलरी नहीं। सैलरी वाली नौकरी चाहिए तो हायर-एंड-ट्रेन प्रोग्राम देखें, जहां IC-38 कंपनी खुद करवा सकती है।
  • आप सोचते हैं कि 50 में से 15 नंबर का मतलब है बिना पढ़े पास हो जाएंगे। बार कम है, लेकिन सिलेबस ज़्यादातर फ्रेशर्स के लिए बिल्कुल नया है — और दोबारा परीक्षा का मतलब फिर से फीस और फिर से स्लॉट।

हम उम्मीदवारों को इंश्योरेंस की नौकरियों में भेजते हैं, इसलिए हमारा झुकाव इस तरफ हो सकता है — इसे ध्यान में रखें। “रहने दें” वाली लिस्ट वही है जो हमारे काउंसलर तब कहते हैं जब कोई कॉल पर गलत परीक्षा के पीछे जा रहा हो।

अगर आप असल में सैलरी वाली इंश्योरेंस नौकरी चाहते हैं, तो HDFC Life Smart Achievers प्रोग्राम देखें। यह एजेंसी वाला कमीशन का इंतज़ाम नहीं, बल्कि बड़ी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी में ऑन-रोल नौकरी का रास्ता है। यह मुफ़्त नहीं है, इसलिए उसकी फीस, शर्तें और कमियां उसी पेज पर पढ़ें। हमारे प्लेसमेंट रिकॉर्ड में देखें कि हमारे उम्मीदवार किन कंपनियों में किन रोल पर गए। नौकरी देने का फैसला हमेशा कंपनी का होता है।

IC-38 बनाम NISM V-A: कौन-सी परीक्षा आपके काम की है?

लोग अक्सर पूछते हैं कि इन दोनों में से “पहले कौन-सी करें”। सच यह है कि दोनों अलग नौकरियों के लिए हैं, और गलत परीक्षा देना फीस की बर्बादी है।

पूरी टेबल देखने के लिए साइड में स्क्रॉल करें

IC-38 और NISM Series V-A की तुलना
IC-38 NISM V-A
रेगुलेटर IRDAI (Insurance Institute of India के ज़रिए) SEBI (NISM के ज़रिए)
इससे क्या बेच सकते हैं इंश्योरेंस म्यूचुअल फंड
खुद बुक कर सकते हैं? आम तौर पर बीमा कंपनी का स्पॉन्सर चाहिए हां
परीक्षा से पहले ट्रेनिंग ज़रूरी ज़रूरी नहीं
कमाई का आम तरीका ज़्यादातर कमीशन वाला एजेंसी काम अक्सर बैंक या डिस्ट्रीब्यूटर में सैलरी वाला रोल
किसके लिए सही इंश्योरेंस एजेंसी और सलाहकार रोल म्यूचुअल फंड सेल्स, बैंक RM रोल

फैसला नौकरी देखकर करें, परीक्षा देखकर नहीं। अगर हाथ में ऑफर है, तो कंपनी बताएगी कि कौन-सी परीक्षा चाहिए। अगर अभी दिशा चुन रहे हैं, तो ध्यान रखें कि म्यूचुअल फंड बेचने का काम अक्सर बैंक की सैलरी वाली नौकरी के अंदर होता है, जबकि इंश्योरेंस एजेंसी का काम कमीशन पर चलता है। NISM V-A की फीस, सवाल और पासिंग मार्क्स जानने के लिए NISM V-A की पूरी गाइड पढ़ें (अंग्रेज़ी में), और फैसला करने से पहले किसी ऐसे व्यक्ति से बात करें जिसने दोनों काम किए हों।

IC-38 परीक्षा: आम सवाल

IC-38 असल में एक कोड है। यह Insurance Institute of India के उस स्टडी मटीरियल और परीक्षा का नाम है, जो इंश्योरेंस एजेंट बनने से पहले पास करनी होती है। IRDAI का फुल फॉर्म Insurance Regulatory and Development Authority of India है, जो बीमा सेक्टर का रेगुलेटर है। Institute यह परीक्षा IRDAI के लिए करवाता है, इसलिए लोग बोलचाल में इसे IRDA exam कहते हैं। दोनों नाम एक ही परीक्षा के हैं।

50 में से 15 नंबर, यानी 30%। पहले पास होने के लिए 17 नंबर चाहिए थे। Insurance Institute of India ने सभी बीमा कंपनियों को सर्कुलर भेजकर दो ग्रेस मार्क्स तक की छूट दी, जो 1 जनवरी 2024 से होने वाली परीक्षाओं पर लागू है। पुराने पेजों पर अब भी 17 या 18 लिखा मिलता है, और 70% वाली बात का कोई स्रोत नहीं है। नियम बदल सकते हैं, इसलिए अपनी स्पॉन्सर कंपनी से एक बार पक्का कर लें।

बीमा कंपनियों और ट्रेनिंग देने वालों के मुताबिक 50 MCQ सवाल आते हैं, हर सवाल 1 नंबर का, और 60 मिनट का समय मिलता है। नेगेटिव मार्किंग नहीं होती, इसलिए कोई सवाल खाली न छोड़ें। ध्यान रखें कि सवालों की संख्या और समय हमें IRDAI या Institute के किसी पेज पर प्रकाशित नहीं मिले, इसलिए परीक्षा से पहले अपनी स्पॉन्सर कंपनी से ये बातें पक्की कर लें।

यह इस पर निर्भर है कि लाइसेंस किस रास्ते से बन रहा है। कॉर्पोरेट एजेंट, ब्रोकर या इंश्योरेंस मार्केटिंग फर्म के ज़रिए आने वालों के लिए Insurance Institute of India परीक्षा की फीस ₹590 और ट्रेनिंग की फीस ₹886 बताता है, दोनों GST मिलाकर। सीधे किसी बीमा कंपनी के एजेंट के लिए कोई फीस लिस्ट प्रकाशित नहीं है, इसलिए सही रकम अपनी स्पॉन्सर कंपनी से पूछें। कोई हज़ारों रुपये की “रजिस्ट्रेशन फीस” मांगे, तो मना कर दें।

आम तौर पर नहीं। यह भर्ती से पहले की परीक्षा है, यानी आप इसे तब देते हैं जब कोई बीमा कंपनी या कॉर्पोरेट एजेंट आपको एजेंट नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू करता है। वही कंपनी ज़रूरी ट्रेनिंग का इंतज़ाम करती है और परीक्षा का स्लॉट बुक करती है। अगर कोई वेबसाइट बिना किसी कंपनी के, पैसे लेकर आपका IRDA रजिस्ट्रेशन कराने की बात करे, तो सावधान रहें।

हां। IRDAI के एजेंट नियमों के मुताबिक एजेंट बनने की प्रक्रिया में किसी मान्य संस्था से प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पूरी करना ज़रूरी है। यह ट्रेनिंग परीक्षा से पहले होती है और इसका इंतज़ाम आपकी स्पॉन्सर कंपनी करती है। इसे छोड़ा नहीं जा सकता, और आप खुद लिखकर नहीं दे सकते कि ट्रेनिंग पूरी हो गई। यह सिर्फ़ कागज़ी काम नहीं है।

स्टडी मटीरियल हिंदी में मिलता है। Insurance Institute of India IC-38 का मटीरियल अंग्रेज़ी, हिंदी और कई क्षेत्रीय भाषाओं में छापता है, जैसे मराठी, गुजराती, तमिल, बंगाली, कन्नड़, मलयालम, तेलुगु, पंजाबी, असमिया, ओड़िया और उर्दू। अंग्रेज़ी आपकी मज़बूत भाषा नहीं है, तो उसी भाषा में पढ़ें जिसमें आप आराम से समझते हैं। परीक्षा किस भाषा में दे सकते हैं, यह रजिस्ट्रेशन के समय अपनी स्पॉन्सर कंपनी से पूछ लें।

सिर्फ़ पास होने से आप एजेंट नहीं बन जाते। इसके लिए ज़रूरी ट्रेनिंग, परीक्षा पास करना और किसी बीमा कंपनी का आपको एजेंट नियुक्त करना, तीनों चाहिए। यही नियुक्ति आपका नाम रेगुलेटर के एजेंट रिकॉर्ड में दर्ज करवाती है। एक बात पहले से जान लें: एजेंट का काम आम तौर पर कमीशन पर चलता है, फिक्स्ड सैलरी पर नहीं। हर महीने तय सैलरी चाहिए, तो सैलरी वाले रोल ढूंढें।

स्रोत

  1. IC-38 study material for Insurance Agents (Life, General, Health) (opens in a new tab)

    Insurance Institute of India · www.insuranceinstituteofindia.com · checked

  2. IRDAI Examinations (opens in a new tab)

    Insurance Institute of India · www.insuranceinstituteofindia.com · checked

  3. IRDAI (Appointment of Insurance Agents) Regulations, 2015 (opens in a new tab)

    Insurance Regulatory and Development Authority of India · irdai.gov.in · checked

  4. IC-38 passing marks and exam pattern (opens in a new tab)

    Niva Bupa Health Insurance (secondary source) · www.nivabupa.com · checked

  5. Mandatory qualifications and examination fee structure: Corporate Agent (opens in a new tab)

    Insurance Institute of India · www.insuranceinstituteofindia.com · checked

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बैंक और इंश्योरेंस में जाने के दो सीधे रास्ते। फीस, सैलरी और शर्तें हर प्रोग्राम के पेज पर लिखी हैं, और नौकरी देने का आखिरी फैसला कंपनी का होता है।

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